• June 23, 2024

सरकार ने मंजूर की प्रारम्भिक शिक्षा सेवा नियमावली-2024

 सरकार ने मंजूर की प्रारम्भिक शिक्षा सेवा नियमावली-2024
Sharing Is Caring:

 

कमल अग्रवाल (हरिद्वार )उत्तराखंड

देहरादून ÷ सूबे के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुये शिक्षकों की भर्ती के लिये बीएड की बाध्यता समाप्त कर दो वर्षीय डीएलएड को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिये हैं। 

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के वर्ष 2018 में जारी उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया था जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के लिये बीएड डिग्री की अनिवार्यता लागू की गई थी।

उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के अनुपालन में राज्य कैबिनेट द्वारा हाल ही में राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके क्रम में शासन ने उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को जारी कर दी है। सरकार ने इस संशोधन के जरिये बेसिक शिक्षकों के लिये आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड डिग्री को अमान्य कर दिया गया है। अब राज्य में केवल डीएलएड डिग्रीधारक ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के बेसिक शिक्षक के पद के लिये पात्र होंगे।

विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की नई नियमावली लागू होने से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके लिये निर्वाचन आयोग से भर्ती की अनुमति लेते हुये शीघ्र उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गये हैं। 

विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होने से प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के सभी पद भर दिये जायेंगे। जिससे सूबे की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ करने में मदद मिलेगी। 

Sharing Is Caring:

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *